मुख्यमंत्री धामी के जनसेवा शिविर: जनता के द्वार पहुंचकर समस्याओं का त्वरित समाधान
*मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार स्वयं जनता के द्वार पहुंचकर कर रही समस्याओं का समाधान* *’जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान से शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वास : मुख्यमंत्री* *01 हजार से अधिक लोगों ने कराया पंजीकरण, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला* *सहसपुर में सेवा, सुशासन एवं समर्पण कार्यक्रम के तहत आयोजित […]
मुख्यमंत्री धामी के जनसेवा शिविर: जनता के द्वार पहुंचकर समस्याओं का त्वरित समाधान
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। पिछले जनसेवा शिविर में 01 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गुरु रामराय पब्लिक स्कूल, सहसपुर में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जनसेवा शिविर का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य शासन-प्रशासन को जनता के और करीब लाना है। उन्होंने कहा कि आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों का दौरा नहीं करना पड़ेगा, सरकार स्वयं उनके द्वार जाकर सेवाएं उपलब्ध कराएगी।
सुशासन का नया मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सुशासन का असली अर्थ संवेदनशील, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासन है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से शासन और जनता के बीच विश्वास बढ़ा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के प्रथम चरण में लगभग 700 जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें पांच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। देहरादून जिले में ही 46 शिविरों में 60 हजार से ज्यादा नागरिकों ने भाग लिया और लगभग 39 हजार लोगों को मौके पर ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर सेवा पखवाड़े के दौरान भी जनसेवा शिविरों का आयोजन हो रहा है। इस पखवाड़े में अब तक 64 हजार से अधिक नागरिकों ने भाग लिया है, और इस दौरान 5,567 जनसमस्याओं में से 4,951 का समाधान किया गया है।
सेवाओं की तत्काल उपलब्धता
मुख्यमंत्री ने शिविर में मौजूद 01 हजार से अधिक लोगों का पंजीकरण कर उनकी समस्याओं का समाधान भी किया। इस अवसर पर लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रमाण-पत्र और सहायता वितरित की गई। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों से नागरिकों को योजनाओं की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” का विज़न तेजी से साकार हो रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग आदि क्षेत्रों में अद्वितीय प्रगति हो रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों, शीतकालीन यात्रा तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे ऐतिहासिक आयोजनों का सफल संचालन हुआ है। राज्य की अर्थव्यवस्था निरंतर सुदृढ़ हो रही है। इसके साथ ही, समान नागरिक संहिता लागू करने और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए नकल विरोधी कानूनों की सख्त प्रक्रिया का भी उल्लेख किया।
सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा, सड़क, सिंचाई आदि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण विकास कार्यों का आह्वान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प को साकार करने के लिए कार्यरत है।
अधिकारियों से त्वरित निस्तारण की अपेक्षा
धामी ने अधिकारियों को मौके पर ही जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। सहसपुर के जनसेवा शिविर में नागरिकों ने सोलर लाइट्स, सिलाई मशीन, जल निकासी आदि आवश्यकताओं के संबंध में अपनी मांगें रखी। मुख्यमंत्री ने इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को ठोस निर्देश दिए।
इस अवसर पर सांसद नरेश बंसल, विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, भाजपा जिला अध्यक्ष मीता सिंह और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री की यह पहल निश्चित रूप से जन कल्याण के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
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टीम धर्म युद्ध - प्रियंका रानी