IPS वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामला: 8 दिन बाद अंतिम संस्कार, सरकार को मिली राहत

एफएनएन, चंडीगढ़: एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने 7 अक्तूबर को सेक्टर-11 स्थित अपने घर पर खुद को गोली मार ली थी। नाैंवे दिन वाई पूरण कुमार के शव का पोस्टमार्टम हुआ। वहीं शाम को चंडीगढ़ के सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। हरियाणा के आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार का अंतिम […] The post IPS पूरण कुमार सुसाइड केस: 8 दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार, सरकार ने ली राहत की सांस appeared first on Front News Network.

IPS वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामला: 8 दिन बाद अंतिम संस्कार, सरकार को मिली राहत
एफएनएन, चंडीगढ़: एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने 7 अक्तूबर को सेक्टर-11 स्थित अपने घर पर खुद को गोली मार ली �

IPS वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामला: 8 दिन बाद अंतिम संस्कार, सरकार को मिली राहत

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कम शब्दों में कहें तो, हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरण कुमार का 7 अक्टूबर को आत्महत्या करने के बाद 8 दिन बाद अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को सरकार ने परिवार को सौंप दिया।

चंडीगढ़: हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने 7 अक्टूबर को अपने निवास पर खुद को गोली मार ली थी। उनकी आत्महत्या के मामले में सरकार को कई सवालों का सामना करना पड़ा। नौवे दिन उनका शव पोस्टमार्टम के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया

वाई पूरण कुमार के शव का पोस्टमार्टम चंडीगढ़ के पीजीआई में लगभग चार घंटे तक चला। इस प्रक्रिया का उद्देश्य आत्महत्या के कारणों का पता लगाना था। पोस्टमार्टम के बाद शव को सेक्टर-24 स्थित उनके सरकारी आवास पर लाया गया, जहाँ परिवार और साथी अधिकारी शोक में थे।

चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम विधिवत मेडिकल बोर्ड द्वारा किया गया, जिसमें सभी आवश्यक प्रक्रिया का पालन किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट विशेष जांच दल को सौंपी जाएगी। इस मामले में हरियाणा सरकार ने राहत की सांस ली है, क्योंकि इस घटना ने कई संदिग्ध सवाल खड़े कर दिए थे।

31 सदस्यीय कमेटी का पैदल मार्च रद्द

इस घटना के संदर्भ में 31 सदस्यीय कमेटी के सदस्य रेशम सिंह ने बताया कि उनका सेक्टर 17 चंडीगढ़ से तय पैदल मार्च रद्द कर दिया गया है। परिवार को न्याय न मिलने की बात कहते हुए उन्होंने इस निर्णय की घोषणा की।

निष्पक्ष जांच का आश्वासन

अमनीत पी कुमार ने कहा कि यूटी पुलिस द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का आश्वासन मिलने पर उन्होंने पति के शव का पोस्टमार्टम कराने की सहमति दी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और पुलिस अधिकारियों पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि जल्द ही न्याय मिलेगा।

प्रधान न्यायालय का नोटिस

इससे पहले, चंडीगढ़ जिला अदालत ने वाई पूरण कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार को नोटिस जारी किया था। यह नोटिस चंडीगढ़ पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम की अनुमति के लिए दायर की गई अर्जी पर आधारित था। यदि परिवार ने सहयोग नहीं किया होता, तो पुलिस को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ता।

इस मामले की सुनवाई में पुलिस ने अदालत से अनुरोध किया था कि परिवार को शव की पहचान और पोस्टमार्टम के लिए आगे आने का निर्देश दिया जाए। समाज में हो रहे इस प्रकार की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है।

हरियाणा सरकार को इस मामले में राहत मिली है, लेकिन इस घटनाक्रम ने समाज में कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस मामले में आगे की जांच प्रक्रिया और भी महत्वपूर्ण हैं।

हरियाणा और चंडीगढ़ सरकार को इस प्रकार के गंभीर मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने की आवश्यकता है। ऐसे मामलों में जनता की भलाई का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.

सेवानिवृत्त अधिकारियों के व्यवहार और सामान्य जनता की सुरक्षा को सुनिश्चित करना आवश्यक है। इस प्रकार की घटनाओं से छोटे-छोटे समाजों में भय पैदा होता है।

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सादर,

टीम धर्म युद्ध, सिया बंसल