उत्तराखंड की प्री एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत, रोजाना 30 मतदाताओं से संपर्क करेगी BLO

एफएनएन, देहरादून : उत्तराखंड में प्री एसआईआर गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं। इस चरण में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर तैयारियां की जाएंगी। साथ ही एसआईआर के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसके दृष्टिगत “प्रत्येक मतदाता तक पहुंच , समन्वय और संवाद’ अभियान पर कार्य किया जा रहा है। […] The post उत्तराखंड में प्री SIR प्रक्रिया शुरू, रोजाना सिर्फ 30 वोटर्स से संपर्क करेंगे BLO appeared first on Front News Network.

उत्तराखंड की प्री एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत, रोजाना 30 मतदाताओं से संपर्क करेगी BLO
एफएनएन, देहरादून : उत्तराखंड में प्री एसआईआर गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं। इस चरण में आगामी विशेष �

उत्तराखंड की प्री एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत, रोजाना 30 मतदाताओं से संपर्क करेगी BLO

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एफएनएन, देहरादून : उत्तराखंड में प्री एसआईआर गतिविधियों की शुरुआत कर दी गई है, जो आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण होगी। इस प्रक्रिया का मुख्य लक्ष्य मतदाताओं को किसी भी असुविधा से बचाना है। इसके लिए “प्रत्येक मतदाता तक पहुंच, समन्वय और संवाद” अभियान चलाया जाएगा।

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में प्री एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से मतदाता सूची की विस्तारित तैयारी में मदद मिलेगी, जिससे हर पात्र मतदाता को उचित स्थान मिल सकेगा।

प्रमुख निर्वाचन अधिकारी की जानकारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने अब तक 11 बार इस तरह का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) देशभर में संचालित किया है। उत्तराखंड में 2003 में एसआईआर आयोजित किया गया था। उन्होंने बताया कि 2025 में आयोग द्वारा पहले चरण में बिहार और दूसरे चरण में 12 अन्य राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आयोग का उद्देश्य हर पात्र मतदाता को मतदाता सूची में शामिल करना है।

प्रत्येक मतदाता तक पहुंच, समन्वय और संवाद

प्री एसआईआर चरण में, राज्य की मौजूदा मतदाता सूची में शामिल लगभग 40 वर्ष की आयु तक के उन मतदाताओं की सीधे बीएलओ एप के माध्यम से मैपिंग की जाएगी, जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज थे। इसके अलावा, 40 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन मतदाताओं के लिए, जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं हैं, उनके माता-पिता या दादा-दादी के नाम के आधार पर प्रोजनी के रूप में मैपिंग की जाएगी। 2003 की मतदाता सूची को देखने के लिए यहां क्लिक करें

राजनैतिक दलों से बीएलए नियुक्ति की अपील

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की नियुक्ति करें। मौजूदा समय में प्रदेश में 11733 बूथों के मुकाबले केवल 4155 बीएलए ही नियुक्त हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।

हेल्प डेस्क की स्थापना

राज्य के सभी जनपदों में जिलाधिकारी, ईआरओ और बीएलओ को मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जनपद एवं ईआरओ स्तर पर एक हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, जिससे मतदाता आसानी से मदद प्राप्त कर सकें। यह कदम निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए उठाया जा रहा है।

समापन टिप्पणी

इस पहल के माध्यम से उत्तराखंड में चुनावी प्रक्रिया को और भी अधिक समावेशी और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं को इस दिशा में सहयोग देने का निर्देश दिया गया है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट dharmyuddh.com पर जाएं।

सादर,
टीम धर्म युद्ध
प्रियंका शर्मा