ओडिशा में जिंदा पैंगोलिन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, एंटी पोचिंग टीम की बड़ी कार्रवाई

एफएनएन, गरियाबंद : उदंती-सीता नदी अभयारण्य की एंटी पोचिंग टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक जिंदा पैंगोलिन के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकड़े गए दोनों तस्कर ओडिशा के रहने वाले हैं। शेड्यूल-1 श्रेणी में शामिल इस दुर्लभ जीव की तस्करी की सूचना वाइल्डलाइफ जस्टिस कमीशन तक पहुंची थी, जिसके […] The post एंटी पोचिंग टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए, जिंदा पैंगोलिन के साथ ओडिशा के दो तस्कर गिरफ्तार appeared first on Front News Network.

ओडिशा में जिंदा पैंगोलिन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, एंटी पोचिंग टीम की बड़ी कार्रवाई
एफएनएन, गरियाबंद : उदंती-सीता नदी अभयारण्य की एंटी पोचिंग टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक जिंदा प

ओडिशा में जिंदा पैंगोलिन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, एंटी पोचिंग टीम की बड़ी कार्रवाई

एफएनएन, गरियाबंद : उदंती-सीता नदी अभयारण्य की एंटी पोचिंग टीम ने हाल ही में एक महत्त्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को जिंदा पैंगोलिन के साथ गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई ने वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति प्रशासन के कड़े इरादों को एक बार फिर से स्पष्ट किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों तस्कर ओडिशा के निवासी हैं और इनकी पहचान गोपाल (42 वर्ष) और मनोज (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो क्रमशः ग्राम सिमलीगोदरा और ग्राम मलकीगुड़ा के हैं।

कम शब्दों में कहें तो, एंटी पोचिंग टीम ने तस्करी की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की और महत्वपूर्ण जीवों की सुरक्षा का काम किया। यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत की गई है। एंटी पोचिंग टीम की सतर्कता ने न केवल तस्करों को पकड़ा है, बल्कि इसके माध्यम से एक जीवित पैंगोलिन की जान भी बचाई है।

तस्करी की योजना का भंडाफोड़

सूत्रों के अनुसार, वाइल्डलाइफ जस्टिस कमीशन को इस दुर्लभ जीव की तस्करी के बारे में सूचना मिली थी। इसके परिणामस्वरूप, एंटी पोचिंग टीम ने छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा क्षेत्र में घेराबंदी की और उन स्थानों पर निगरानी रखी जहां तस्करी के प्रयास होने की संभावना थी। दोनों आरोपियों को ग्रिपिंग कर उनकी संपत्ति से करीब 9 किलोग्राम वजन और 40 इंच लंबा जिंदा पैंगोलिन बरामद किया गया। इस कार्रवाई ने वन विभाग की प्रभावशीलता को सावित किया है।

पैंगोलिन का स्वास्थ्य परीक्षण

गिरफ्तार होने के बाद, वन विभाग ने पैंगोलिन का स्वास्थ्य परीक्षण कराया, जिसमें पाया गया कि वह सुरक्षित है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद, वन विभाग पैंगोलिन को फिर से उसके प्राकृतिक आवास में रिहा करने की योजना बना रहा है। यह सभी वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक राहत की खबर है।

सरकार की सुनवाई और उन पर कार्रवाई

दुर्लभ जीवों की तस्करी पर रोकथाम के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं और ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई का प्रावधान किया है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत विधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है, ताकि तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।

इस प्रकार की घटनाएँ हमें यह दिखाती हैं कि तस्करी के मार्ग को रोकने के लिए लगातार vigilance की आवश्यकता है। एंटी पोचिंग टीम जैसी एजेंसियाँ ये सुनिश्चित करती हैं कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

जंगलों में निवास करने वाले ये जीव हमारी पारिस्थितिकी के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं, यह बात समझना जरूरी है। भविष्‍य में इस तरह की कार्रवाईयों के जरिए तस्करों को कड़ी सजा दी जा सकेगी, जो वन्यजीवों की तस्करी की योजना बनाते हैं।

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