नैनीताल के DM ने तहसीलदार को फटकार लगाई: प्राइवेट लोगों द्वारा काम करने पर जताई नाराजगी
एफएनएन, हल्द्वानी: नैनीताल के हल्द्वानी तहसील में जिलाधिकारी की छापेमारी से हड़कंप मच गया. जिलाधिकारी द्वारा न्यायालय से संबंधित फाइलों का कार्य दो निजी युवकों द्वारा किए जाने पर नाराजगी व्यक्त कर अधिकारियों को फटकार भी लगाई. जिलाधिकारी द्वारा मामले की जांच का जिम्मा अपर जिलाधिकारी को दी गई है. सोमवार 29 दिसंबर की सुबह […] The post नैनीताल DM ने तहसीलदार को लगाई फटकार: तहसील में प्राइवेट लोगों को काम करता देख भड़के appeared first on Front News Network.
नैनीताल के DM का अचानक दौरा: तहसील में निजी हाथों का काम देख भड़के
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कम शब्दों में कहें तो: नैनीताल के हल्द्वानी तहसील में जिलाधिकारी ने अचानक निरीक्षण के दौरान प्राइवेट व्यक्तियों को सरकारी काम करते देख नाराजगी जताई और तहसील प्रशासन को फटकार लगाई। मामले की जांच अपर जिलाधिकारी को सौंपी गई है।
सोमवार 29 दिसंबर की सुबह नैनीताल के हल्द्वानी तहसील में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के अचानक दौरे से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। उनके निरीक्षण के दौरान कई खामियां उजागर हुईं, जिनमें सबसे गंभीर यह थी कि न्यायालय से संबंधित फाइलों का कार्य दो प्राइवेट युवकों द्वारा किया जा रहा था। यह कार्य गोपनीयता के तहत आता है, और इस प्रकार की लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
जिलाधिकारी की फटकार और कड़े आदेश
जिलाधिकारी ने मौके पर रजिस्ट्रार और कानूनगो को तलब कर जमकर फटकार लगाई। उन्होंने तहसीलदार से तल्ख सवाल करते हुए कहा कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो सिस्टम में सुधार कैसे हो सकेगा? यह गंभीर लापरवाही इस बात का संकेत है कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता का अभाव है।
जिलाधिकारी ने एडीएम विवेक राय को बुलाकर पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की अनियमितताओं के चलते फर्जी प्रमाण पत्र जैसे गंभीर मामलों का सामना करना पड़ सकता है। उनके तीखे रुख से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन को सुधारने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे।
स्थानीय लोगों के सवाल
तहसील पहुंचे लोगों ने भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि क्या वास्तव में निजी हाथों में तहसील का कार्य चल रहा है? क्या इसी प्रकार के लोग सारे प्रमाण पत्र और भूमि संबंधित मामलों का निपटारा कर रहे हैं? यह सवाल ना केवल स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह प्रशासन के लिए भी गंभीर चिंता का कारण बन सकता है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि औचक निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आई हैं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को मामले की जांच करने के निर्देश दिए और यह स्पष्ट किया कि गोपनीय विभाग में प्राइवेट व्यक्तियों की मौजूदगी मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह के मुद्दे प्रशासन में सुधार की आवश्यकता को दर्शाते हैं। समय रहते यदि कार्रवाई नहीं की गई तो इससे न केवल सरकारी कामकाज में बाधा आएगी, बल्कि आम जनता का विश्वास भी डगमगा सकता है।
अंत में, यह मामला हमें यह सिखाता है कि पारदर्शिता और जिम्मेदारी प्रशासन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। प्रभावी और सख्त कार्रवाई से ही हम एक बेहतर प्रणाली की स्थापना कर सकते हैं।
इसके अलावा, एडीएम विवेक राय को दी गई जिम्मेदारी से उम्मीद है कि वह समय रहते उचित कार्रवाई करेंगे और इस गंभीर मुद्दे की तहकीकात करके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे।
इसके लिए आवश्यक है कि प्रशासन लोकहित में कार्य करें और सिर्फ नाममात्र के लिए नहीं।
इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है। इस संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।
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टीम धर्म युद्ध