रायपुर में शुरू हुआ 25वां राष्ट्रीय दिव्यांगजन स्किल डेवलपमेंट शिविर, दिव्यांग बच्चों को दिया जा रहा कौशल विकास

सत्या राजपूत, रायपुर। मूक-बधिर और दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन (मीसो) और

रायपुर में शुरू हुआ 25वां राष्ट्रीय दिव्यांगजन स्किल डेवलपमेंट शिविर, दिव्यांग बच्चों को दिया जा रहा कौशल विकास
सत्या राजपूत, रायपुर। मूक-बधिर और दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य स

रायपुर में पांच दिवसीय निःशुल्क राष्ट्रीय दिव्यांगजन स्किल डेवलपमेंट शिविर का आगाज

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh

कम शब्दों में कहें तो, रायपुर में आयोजित 25वें राष्ट्रीय दिव्यांगजन स्किल डेवलपमेंट शिविर का उद्‌घाटन किया गया है। इस शिविर का उद्देश्य मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाना है। यह शिविर महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन (मीसो) द्वारा आयोजित किया गया है।

शिविर का उद्देश्य और महत्व

रायपुर में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य विशेष रूप से मूक-बधिर और दृष्टिबाधित बच्चों को कौशल प्रदान करना है, ताकि वे अपने जीवन में स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकें। यह शिविर पाँच दिनों तक चलेगा, जिसमें बच्चों को विभिन्न तरह के कौशल जैसे कि हस्तकला, कंप्यूटर कौशल, और अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जाएंगे।

महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन ने इस पहल के माध्यम से यह दिखाया है कि समाज में सशक्तीकरण की कितनी आवश्यकता है। ये बच्चे भी अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के बल पर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

शिविर से जुड़ी गतिविधियाँ

इस शिविर में भाग लेने वाले बच्चों को विभिन्न कार्यशालाओं में शामिल किया जाएगा। कार्यशालाएँ विशेषज्ञों द्वारा संचालित की जाएंगी, जो बच्चों को कौशल विकास के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराएंगे। बच्चे न केवल व्यावसायिक कौशल सीखेंगे, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान और आत्मविश्वास भी विकसित करने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा, शिविर में दिव्यांग बच्चों के लिए समर्पित पूर्ण मानसिकता भी विकसित की जाएगी, ताकि वे सामाजिक जीवन में बेहतर तरीके से समाहित हो सकें। यह शिविर उन सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा, जो दिव्यांगता के बावजूद अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।

समाज और सरकार की भूमिका

इस तरह की घटनाओं में समाज और सरकार का सहयोग आवश्यक है। सरकार को चाहिए कि वह दिव्यांग लोगों के अधिकारों और कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाए। दिव्यांग जनों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ और सही प्रशिक्षण देने के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करना चाहिए।

इस शिविर में शामिल होकर बच्चे केवल लाभ नहीं उठाएंगे, बल्कि यह समाज में भी एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। इसलिए यह आवश्यक है कि हम सभी मिलकर इस दिशा में प्रयास करें।

आगे की योजना

जयकारों के बीच शिविर का उद्घाटन हुआ, और सभी प्रतिभागियों ने अपनी मेहनत और समर्पण का संकल्प लिया। शिविर के अंतर्गत कुछ बच्चों की कहानियों को साझा किया जाएगा, जो अपनी कॉडर संघर्षों और जीत को दर्शाते हैं।

आइए, हम सभी मिलकर दिव्यांग जनों के इस प्रयास में साथ दें और उनकी सफलता के लिए कामना करें। ऐसा प्रशिक्षण और विकास कार्य करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस शिविर के अंतर्गत सभी प्रतिभागियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की पूरी कोशिश की जाएगी।

हम आपके विचारों का स्वागत करते हैं और चाहते हैं कि आप हमें अपने सवालों और सुझावों से अवगत कराएँ।

अधिक जानकारी के लिए, हमारे वेबसाइट पर जाएं: Dharm Yuddh

साथ ही, इस दिशा में और किस तरह की मदद दी जा सकती है, इस पर भी चर्चा अवश्य करें।

आपका साथ हमेशा उम्मीद की किरण है।

सादर,

टीम धर्म युद्ध

राधिका शर्मा