टिहरी में भालू के हमले से एक की मौत, स्थानीय लोगों में दहशत

टिहरी में भालू ने किया हमला, सदमे में एक की मौत; वन विभाग बोला- ऐसी किसी घटना की सूचना नहीं मिली वन रेंज अधिकारी हर्षराम उनियाल ने बताया कि शिकायत के बाद गडोलिया व आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई है। हालांकि जिस हमले की बात सामने आ रही है, उसकी कोई सूचना विभाग […] The post टिहरी में भालू ने किया हमला, सदमे में एक की मौत; वन विभाग बोला- ऐसी किसी घटना की सूचना नहीं मिली appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.

टिहरी में भालू के हमले से एक की मौत, स्थानीय लोगों में दहशत
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टिहरी में भालू के हमले से एक की मौत, स्थानीय लोगों में दहशत

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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी में भालू के एक हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जिससे स्थानीय समुदाय में खौफ का माहौल है और वन विभाग ने इस मामले पर चुप्पी साध ली है।

टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक के मगरौं-पौखाल क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां एक कर्मचारी पर भालू ने हमला कर दिया। इस हमले से व्यक्ति को इतना गहरा सदमा लगा कि वह हार्ट अटैक का शिकार हो गया। गंभीर हालत में उसे श्रीनगर बेस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।

गूंज संस्था के الموظफ राकेश गिरी मंगलवार रात लगभग 8 बजे अपनी बाइक पर सफाई किट से लौट रहे थे। तभी अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भालू के पंजे के निशान वहां नहीं मिले लेकिन वर्तमान में पौखाल, गडोलिया और उसके आसपास भालू की गतिविधियाँ बढ़ गई हैं।

वन रेंज अधिकारी हर्षराम उनियाल ने इस घटना पर जानकारी दी कि शिकायत के बाद गडोलिया व आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई है, फिर भी उन्होंने यह स्वीकार किया कि विभाग को इस हमले की कोई सूचना नहीं मिली है। वे यह भी कहते हैं कि कर्मचारियों से पूछताछ के बावजूद किसी भी घटना की पुष्टि नहीं हुई है।

स्थानीय प्रधान वीरेंद्र सिंह नेगी ने इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि भालू की गतिविधियाँ इलाके में लंबे समय से बढ़ी हुई हैं। ग्राम स्वाड़ी के प्रधान राकेश कुमाईं ने भी इसकी शिकायत की है और वन विभाग से भालू को पकड़ने और संवेदनशील स्थलों पर पिंजरे लगाने की मांग की है।

भालू के हमले की यह घटना पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय बन गई है। उनके अनुसार, पिछले कुछ महीनों में भालू के आतंक के कारण रात में बाहर निकलने में डर लग रहा है। इस पर स्थानीय नेताओं ने अधिक सुरक्षा उपायों की मांग की है ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

उम्मीद है कि हैं वन विभाग जल्द ही इस मामले में उचित कदम उठाएगा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनकी सुरक्षा एक बड़ी चिंता बनी रहेगी।

इस घटना के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारे वेबसाइट पर जाएं: Dharm Yuddh.

हमारी टीम, अनामिका शर्मा, Team Dharm Yuddh