संस्कार और शिक्षा: भारत के भविष्य की नींव, मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

*प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह* *विद्या भारती के संस्कार और शिक्षा मॉडल की मुख्यमंत्री ने की सराहना, कहा— भारत को विश्वगुरु बनाने में युवाओं की होगी अहम भूमिका* *मुख्यमंत्री ने किया आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका का लोकार्पण* *हरिद्वार, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, […]

संस्कार और शिक्षा: भारत के भविष्य की नींव, मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित
*प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह* *विद्य�

संस्कार और शिक्षा: भारत के भविष्य की नींव, मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

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कम शब्दों में कहें तो: हरिद्वार में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उत्साह को बढ़ाया। उन्होंने विद्या भारती के शिक्षा और संस्कार मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

हरिद्वार, उत्तराखंड: विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान द्वारा रुड़की में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि वे लगातार तीसरे वर्ष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने का मौका पा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि यह दर्शाता है कि मेहनत, अनुशासन और संस्कार से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, "यह सम्मान आपके आत्मविश्वास को और मजबूत करेगा और आपको भविष्य की सभी परीक्षाओं में उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करेगा।" उन्होंने शिक्षण संस्थान विद्या भारती के प्रयासों की सराहना की, जिसने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा देकर देशभर में मजबूत नींव रखी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सम्मान समारोह

मुख्यमंत्री ने कहा कि "वर्ष 1952 में गोरखपुर से शुरू हुआ सरस्वती शिशु मंदिर अब एक विशालतम वटवृक्ष का रूप ले चुका है। वर्तमान में विद्या भारती पूरे देश में लगभग 45 लाख विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान कर रही है। उत्तराखंड में विद्या भारती के 562 विद्यालयों में लगभग 1.25 लाख विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं।" उन्होंने संगठन के सभी आचार्यों और कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया।

राज्य सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, जूते-बैग वितरण, और कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा में सुधार करने के लिए कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, "सबसे पहले, हमने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम स्पष्ट हैं। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता के साथ भर्ती किया गया है।" इसके अतिरिक्त, यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल विद्यार्थियों को तैयारी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अनुरोध किया कि वे भारत के भविष्य के लिए अपना ज्ञान और संस्कार को मजबूत करें। "आप ही हमारे भविष्य का निर्माण करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करेंगे।" उन्होंने इस कार्यक्रम के दौरान आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका का लोकार्पण भी किया।

इस समारोह में अन्य विशिष्ट अतिथि भी मौजूद थे जिनमें विद्या भारती के केंद्रीय संगठन मंत्री, शिक्षा समिति के मंत्री, और स्थानीय अधिकारियों ने भाग लिया। सभी मौजूद छात्रों और उनके अभिभावकों ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया।

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सादर,
टीम धर्म युद्ध
श्रीमती अनिका रावत