हिमांशु की नैया पार, तिलक राज बेहड़ को लेकर कांग्रेस में बवाल

सिफारिश दरकिनार होने से पूर्व मंत्री नाराज, समर्थक 12 पार्षदों का इस्तीफा इस्तीफा देने वालों में बेहड़ का पार्षद पुत्र सौरभ भी शामिल यूथ कांग्रेस के नगर अध्यक्ष ने भी सोशल मीडिया पर डाला इस्तीफा बेहड़ ने कहा- गाबा स्वीकार नहीं, गाबा बोले- आखिर क्यों कांग्रेस को कमजोर कर रहे हैं बेहड़ एफएनएन, रुद्रपुर : […] The post हिमांशु की नैया पार, बेहड़ से अब आर-पार appeared first on Front News Network.

हिमांशु की नैया पार, तिलक राज बेहड़ को लेकर कांग्रेस में बवाल
सिफारिश दरकिनार होने से पूर्व मंत्री नाराज, समर्थक 12 पार्षदों का इस्तीफा इस्तीफा देने वालों में �

हिमांशु की नैया पार, तिलक राज बेहड़ को लेकर कांग्रेस में बवाल

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कम शब्दों में कहें तो, पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ के समर्थक 12 पार्षदों का इस्तीफा इस राजनीतिक उठा-पटक का मुख्य कारण बना है, जिसमें यूथ कांग्रेस के नगर अध्यक्ष का इस्तीफा भी शामिल है। इस पूरे मामले पर तिलक राज बेहड़ ने कहा कि हिमांशु गाबा को वह जिला अध्यक्ष के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे, वहीं गाबा ने सवाल उठाया कि आखिर बेहड़ कांग्रेस को कमजोर क्यों कर रहे हैं।

एफएनएन, रुद्रपुर: रुद्रपुर कांग्रेस में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। इस स्थिति का कारण है तिलक राज बेहड़ की ‘सिफारिश’ को दरकिनार किया जाना। यहां तक कि बेहड़ का पुत्र सौरभ, जो कि वार्ड 39 से पार्षद हैं, भी इस्तीफा देने वालों में शामिल हो गए हैं। पार्षदों और यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष के इस्तीफे ने कांग्रेस के भीतर हड़कंप मचा दिया है। तिलक राज बेहड़ का स्पष्ट कहना है कि हिमांशु गाबा की जिला अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी उनके लिए अव्यवस्थित है।

कांग्रेस के भीतर बढ़ रहे विभाजन के संकेत

पांच बार के विधायक तिलक राज बेहड़ की कांग्रेस संगठन में अनबन की कहानियां किसी से छिपी नहीं हैं। इस बगावत के पीछे का कारण पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की स्थिति भी है। उधम सिंह नगर जिले में कांग्रेस ने 9 में से 5 सीटों पर जीत हासिल की, लेकिन नगर निकाय और जिला पंचायत चुनाव में उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। हालांकि, बेहड़ का दावा है कि उन्होंने अपनी विधानसभा क्षेत्र की तीन जिला पंचायत सीटों को अपने बल पर जीताया है।

बेहड़ का विरोध और कांग्रेस में तनाव

जिला अध्यक्ष के लिए तिलक राज बेहड़ ने नाम सुझाए थे, लेकिन मंगलवार शाम जब सूची जारी हुई तो उनमें हिमांशु गाबा का नाम देखा गया, जिसने बेहड़ के खेमे में निराशा फैला दी। इस निराशा के चलते बुधवार को बेहड़ के समर्थक 12 पार्षदों ने इस्तीफे की घोषणा की। इस खबर ने सभी को चौंका दिया और सोशल मीडिया पर भी इस्तीफे साझा किए जाने लगे।

कांग्रेस के नए चेहरों का स्वागत

इस्तीफों के बीच, हिमांशु गाबा और नए महानगर अध्यक्ष ममता रानी का जोरदार स्वागत किया गया। बेहड़ का कहना है कि वह गाबा को अध्यक्ष के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे क्योंकि वह पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में लिप्त हैं। जबकि गाबा ने बेहड़ पर आरोप लगाया कि वो पार्टी को कमजोर कर रहे हैं। नवनियुक्त महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने कहा कि वह पार्टी के हित में काम कर रही हैं और उनके विरोध का कारण समझ से परे है।

क्या भाजपा की ओर मुड़ रहे हैं बेहड़?

कांग्रेस संगठन के इस विवाद के बाद तिलक राज बेहड़ पर असंख्य सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ लोग यह भी दावा कर रहे हैं कि उनका झुकाव भाजपा की ओर है और वह पार्टी की नीति के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बेहड़ और उनके समर्थक आगे क्या कदम उठाते हैं।

नव नियुक्त的大城濱电卸工会会长...

सीपी शर्मा का मानना है कि ममता रानी का अध्यक्ष बनना बेहड़ के लिए खुशी की बात होनी चाहिए थी, लेकिन उनके बजाय वह पार्टी को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

संजय का समर्थन तिलक राज बेहड़ के लिए

महानगर अध्यक्ष ममता रानी की नियुक्ति के बाद संजय जुनेजा ने साफ कहा कि वे तिलक राज बेहड़ के पक्ष में हैं और जो निर्णय होंगे, उसमें उनका पूरा समर्थन रहेगा।

राजनीतिक उठापटक के इस दौर में कांग्रेस संगठन की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। आगे क्या होगा, यह देखना बाकी है। इस सबके बीच, कांग्रेस का भविष्य एक महत्वपूर्ण प्रश्न बना हुआ है।

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सादर,
अभिनव कुमारी,
Team Dharm Yuddh