कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे को मिली क्लीन चिट, बोलीं- झूठ का मुंह काला हो गया

एफएनएन, बालाघाट : मध्य प्रदेश के बालाघाट से कांग्रेस विधायक अनुभा मुुंजारे उत्तर सामान्य वन मंडल की डीएफओ नेहा श्रीवास्तव के खिलाफ मानहानि का केस दायर करेंगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डीएफओ नेहा श्रीवास्तव द्वारा लगाये गये 2-3 पेटी (लाख) मांगने के आरोप में विधायक अनुभा मुंजारे को क्लीन चिट मिल गई है। जिसके बाद […] The post कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे को क्लीन चिट मिल गई, बोलीं- झूठ का मुंह काला हो गया appeared first on Front News Network.

कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे को मिली क्लीन चिट, बोलीं- झूठ का मुंह काला हो गया
एफएनएन, बालाघाट : मध्य प्रदेश के बालाघाट से कांग्रेस विधायक अनुभा मुुंजारे उत्तर सामान्य वन मंडल

कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे को मिली क्लीन चिट, बोलीं- झूठ का मुंह काला हो गया

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कम शब्दों में कहें तो, कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे को मध्य प्रदेश के बालाघाट में क्लीन चिट मिली है। उन्होंने डीएफओ नेहा श्रीवास्तव के खिलाफ मानहानि का केस दायर करने का निर्णय लिया है। इस घटनाक्रम से राजनीति में नया मोड़ आया है।

मध्य प्रदेश के बालाघाट से कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे को उत्तर सामान्य वन मंडल की डीएफओ नेहा श्रीवास्तव द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर क्लीन चिट मिल गई है। इस मामले में अनुभा मुंजारे ने अब डीएफओ नेहा श्रीवास्तव के खिलाफ मानहानि का केस दायर करने की बात कही है।

डीएफओ ने विधायक पर 2-3 पेटी रिश्वत मांगने का आरोप लगाया

ज्ञात हो कि 18 अगस्त को डीएफओ नेहा श्रीवास्तव ने विधायक अनुभा मुंजारे पर 2 से 3 पेटी (लाख) रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों के पास शिकायत लिखी थी। इस आरोप ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी और बीजेपी ने बालाघाट मुख्यालय में प्रदर्शन भी किया था।

जांच के लिए गठित की गई थी विशेष टीम

राज्य शासन की ओर से मामले की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए एक दो सदस्यीय जांच टीम गठित की गई थी। इस टीम में भोपाल से कमोलिका मोहंतो (विशेष अधिकारी) और बैतूल से वासू कन्नौजिया (सीसीएफ) शामिल थीं।

जांच में नहीं मिले सबूत

जांच टीम ने 12 सितंबर को घटनास्थल के सभी व्यक्तियों, जिसमें रसोइया, वन कर्मचारी, विधायक अनुभा मुंजारे एवं उनकी महिला सहयोगी शामिल थीं, के बयान दर्ज किए थे। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि विधायक द्वारा मांगी गई 2-3 पेटी रिश्वत के संबंध में कोई सबूत नहीं मिले। इस सर्वेक्षण के बाद, अनुभा मुंजारे को क्लीन चिट मिली।

नेहा श्रीवास्तव पर शिकंजा कसने की तैयारी

क्लीन चिट मिलने के बाद, अनुभा मुंजारे ने नेहा श्रीवास्तव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "किसी अधिकारी का बिना किसी तथ्यात्मक आधार पर जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाना गलत है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मैं न्यायालय में मानहानि का केस दायर करने जा रही हूं।" उन्होंने आरोप लगाया कि नेहा श्रीवास्तव को बीजेपी के पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन और उनकी बेटी मौसम हरिनखेड़े ने एक साजिश के तहत उनकी छवि धूमिल करने के लिए उपयोग किया।

कांग्रेस विधायक के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का यह खेल अब और गहरा होने जा रहा है। इस प्रकरण को राजनीतिक दृष्टि से देखना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे आगामी चुनावों में दोनों दलों की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

इस घटनाक्रम ने यह भी दर्शाया है कि भ्रष्टाचार के आरोपों की गंभीरता को स्वीकार करते हुए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच की खाई और अधिक गहरी हो गई है। इस प्रकार की कार्रवाइयाँ राजनीतिक लक्ष्यों को नुकसान पहुँचा सकती हैं।

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सभी दर्शकों की जानकारी के लिए, इस मामले पर ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि यह आने वाले समय में राजनीतिक स्थिति को और अधिक स्पष्ट करेगा। इस प्रकार के मामलों का प्रभाव न केवल स्थानीय क्षेत्र में बल्कि राज्य की राजनीति में भी देखने को मिलेगा।

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सादर,
टीम धर्म युद्ध - प्रियंका शर्मा