धमतरी कलेक्टोरेट परिसर में युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास, सुरक्षा कर्मियों ने रोका
एफएनएन, धमतरी : धमतरी कलेक्टोरेट परिसर में एक युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की.जैसे ही युवक को सुरक्षाकर्मियों ने देखा वैसे ही हड़कंप मच गया. इसके बाद आसपास मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने युवक से माचिस और पेट्रोल का डिब्बा छीना.इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया. पुलिस […] The post कलेक्टोरेट परिसर में युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की, सुरक्षाकर्मियों ने युवक से माचिस और पेट्रोल का डिब्बा छीना appeared first on Front News Network.
धमतरी कलेक्टोरेट परिसर में युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh
कम शब्दों में कहें तो, धमतरी के कलेक्टोरेट परिसर में एक युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से उसका प्रयास नाकाम हो गया।
एफएनएन, धमतरी : धमतरी के कलेक्टोरेट परिसर में बुधवार को एक युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया। जब सुरक्षा कर्मियों ने उसे देखा, तो वहां हड़कंप मच गया। उन्होंने तत्क्षण युवक से माचिस और पेट्रोल का डिब्बा छीन लिया। इस घटना के बाद युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया। जांच में पता चला है कि यह युवाक जमीन संबंधी मुद्दों को लेकर भटक रहा था और इससे हताश होकर उसने यह कदम उठाया।
युवक की पहचान और इसके पीछे का कारण
इस घटना के मुख्य पात्र देवेंद्र साहू नामक युवक हैं, जो भखारा के रामपुर का निवासी हैं। देवेंद्र कई बार कलेक्टोरेट परिसर में अपने जमीन संबंधी मामलों को लेकर दस्तावेज़ जमा कर चुका था। लगातार प्रयास करने के बावजूद समस्याओं का समाधान न मिल पाने के कारण वह बहुत परेशान हो गया था। इसलिए उसने पेट्रोल और केरोसिन लेकर कलेक्टोरेट आने का फैसला किया।
देवेंद्र ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके परिवार में जमीन का बंटवारा बिना किसी सूचना के किया गया था। उसके अनुसार, कोटवार और पटवारी ने उसकी मृत मां कुसुम बाई के नाम से जमीन का विभाजन कर दिया है, जिसके खिलाफ उसने न्यायालय में मामला दर्ज कराया है।
इस घटना से जुड़े विशेष तथ्य
देवेंद्र ने बताया कि भूमि के बंटवारे में उसकी पूरी जानकारी के बिना उसकी मां के नाम पर फौती नामांतरण कराया गया है, जो न्यायालय के विचाराधीन था। इस मामले में बताया गया कि उसके पिता स्वर्गीय तिहारु राम और बड़े पिता फूलचंद के नाम से भूमि का फौती नामांतरण किया गया था, और यह सब कुछ बिना किसी विधिक जानकारी के किया गया था।
पुलिस और कलेक्टर का बयान
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल पर जाकर मामले की गंभीरता को समझते हुए सुरक्षा कर्मियों ने देवेंद्र को समझाया और पुलिस थाने ले जाया गया। अपर कलेक्टर रीता यादव ने कहा है कि मामला सिविल न्यायालय में है और उन्होंने देवेंद्र को सलाह दी है कि वह किसी भी प्रकार की घातक गतिविधियों से दूर रहें।
क्या है फौती और फर्द नामांतरण?
फौती नामांतरण वह प्रक्रिया है जिसके तहत किसी मृत व्यक्ति की संपत्ति को उनके कानूनी उत्तराधिकारियों के नाम पर स्थानांतरित किया जाता है। इसके लिए आवेदक को आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने होते हैं।
फर्द नामांतरण स्थानीय अभिलेखों में संपत्ति के स्वामित्व को बदलने की एक कानूनी प्रक्रिया होती है। इस प्रक्रिया में पुरानी एंट्री को हटाकर वर्तमान मालिक का नाम दर्ज किया जाता है।
इस मामले में देवेंद्र ने दोबारा न्याय की गुहार लगाई है और आशा व्यक्त की है कि प्रशासन सही कार्रवाई करेगा। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।
अंत में, इस घटना ने इस बात पर भी प्रकाश डाला है कि कैसे प्रशासनिक नीतियों में खामियों के कारण लोगों को हताशा का सामना करना पड़ता है। इस महत्व को समझते हुए, हमें कई स्तरों पर सुधार की आवश्यकता है।
इसके अतिरिक्त, यदि आप इस मामले में और जानकारी चाहते हैं, तो आप हमारी वेबसाइट Dharm Yuddh पर जा सकते हैं।
सादर, टीम धर्म युद्ध
नम्रता शर्मा